तीन तलाक़ पर भारत की राह चला पाकिस्तान?
अमर उजाला की ख़बर के मुताबिक़, भारत की ही तरह पाकिस्तान भी एक बार में तीन तलाक़ को अवैध घोषित कर सकता है.
भारत में तीन तलाक़ बिल फ़िलहाल राज्यसभा में लटका हुआ है.
अखब़ार लिखता है कि पाकिस्तान की काउंसिल ऑफ़ इस्लामिक आइडोलॉजी (सीआईआई) की रिपोर्ट में एक बार में तीन तलाक़ को अवैध या अप्रभावी घोषित किया जा सकता है. ऐसे मामलों में सख़्त सज़ा भी दी जा सकती है.
सीआईआई के सदस्य इस मामले में क़ानूनी संशोधन पर काम कर रहे हैं.
पाकिस्तान में तीन तलाक़ पर सीआईआई का फ़ैसला शरीयत प्रावधानों के तहत होगा.
दिल्ली देखता तो इतिहास माफ़ न करता'
द इंडियन एक्सप्रेस की ख़बर के मुताबिक़, जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने घाटी में हुए सियासी हंगामे पर नया बयान दिया है.
सत्यपाल मलिक ने कहा, ''और एक बार फिर ये स्पष्ट कर दूं कि अगर मैं दिल्ली की तरफ़ देखता तो मुझे सज्जाद लोन को मुख्यमंत्री बनाना पड़ता. लिहाज़ा मैंने मामले को ही ख़त्म कर दिया.''
सत्यपाल मलिक के मुताबिक़, ''अगर मैं ऐसा करता तो इतिहास मुझे बेईमान के रूप में याद करता. मैं बेईमान के तौर पर दर्ज नहीं होना चाहता. जो गाली देंगे, देंगे. लेकिन मैं संतुष्ट हूं कि मैंने जो किया, वो सही किया.''
हालांकि कुछ दूसरे अख़बारों ने सत्यपाल के उस बयान को भी छापा है, जिसमें उन्होंने कहा, ''मेरे बयान को तोड़ मरोड़कर पेश किया गया है.''
22 नवंबर को सत्यपाल मालिक ने जम्मू-कश्मीर विधानसभा को भंग कर दिया था. बीजेपी और पीडीपी का गठबंधन टूटने के बाद पाँच महीने पहले इस बेहद संवेदनशील राज्य में राज्यपाल शासन लगा दिया गया था.
सत्यपाल मालिक ने विधानसभा भंग करने का क़दम उस दिन उठाया, जब पीडीपी, नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस ने संकेत दिया था कि वे मिलकर सरकार बनाने के लिए तैयार हैं.
उर्जित पटेल बोले- नोटबंदी का अस्थायी प्रभाव
जनसत्ता की ख़बर के मुताबिक़, संसदीय कमेटी के सामने पेश हुए रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया के गवर्नर उर्जित पटेल ने कहा कि अर्थव्यवस्था पर नोटबंदी का अस्थायी प्रभाव हुआ.
पटेल ने संसद की एक कमेटी को वचन दिया कि वे केंद्रीय बैंक से संबंधित कुछ विवादास्पद मुद्दों पर अपनी बात लिखित रूप में पेश करेंगे.
अख़बार सूत्रों के हवाले से लिखता है कि इन मुद्दों में सरकार की ओर से आरबीआई की उस धारा का इस्तेमाल करने का भी मुद्दा है जिसका पहले की किसी सरकार ने इस्तेमाल नहीं किया था.
भारतीय रिज़र्व बैंक एक्ट, 1935 के सेक्शन सात के तहत सरकार रिज़र्व बैंक को निर्देश दे सकती है.
पटेल ने कहा, ''अर्थव्यवस्था की बुनियाद सुदृढ़ है और तेल के दाम में चार साल के उच्च स्तर से नीचे आने से और मज़बूती मिलेगी.''
भारत में तीन तलाक़ बिल फ़िलहाल राज्यसभा में लटका हुआ है.
अखब़ार लिखता है कि पाकिस्तान की काउंसिल ऑफ़ इस्लामिक आइडोलॉजी (सीआईआई) की रिपोर्ट में एक बार में तीन तलाक़ को अवैध या अप्रभावी घोषित किया जा सकता है. ऐसे मामलों में सख़्त सज़ा भी दी जा सकती है.
सीआईआई के सदस्य इस मामले में क़ानूनी संशोधन पर काम कर रहे हैं.
पाकिस्तान में तीन तलाक़ पर सीआईआई का फ़ैसला शरीयत प्रावधानों के तहत होगा.
दिल्ली देखता तो इतिहास माफ़ न करता'
द इंडियन एक्सप्रेस की ख़बर के मुताबिक़, जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने घाटी में हुए सियासी हंगामे पर नया बयान दिया है.
सत्यपाल मलिक ने कहा, ''और एक बार फिर ये स्पष्ट कर दूं कि अगर मैं दिल्ली की तरफ़ देखता तो मुझे सज्जाद लोन को मुख्यमंत्री बनाना पड़ता. लिहाज़ा मैंने मामले को ही ख़त्म कर दिया.''
सत्यपाल मलिक के मुताबिक़, ''अगर मैं ऐसा करता तो इतिहास मुझे बेईमान के रूप में याद करता. मैं बेईमान के तौर पर दर्ज नहीं होना चाहता. जो गाली देंगे, देंगे. लेकिन मैं संतुष्ट हूं कि मैंने जो किया, वो सही किया.''
हालांकि कुछ दूसरे अख़बारों ने सत्यपाल के उस बयान को भी छापा है, जिसमें उन्होंने कहा, ''मेरे बयान को तोड़ मरोड़कर पेश किया गया है.''
22 नवंबर को सत्यपाल मालिक ने जम्मू-कश्मीर विधानसभा को भंग कर दिया था. बीजेपी और पीडीपी का गठबंधन टूटने के बाद पाँच महीने पहले इस बेहद संवेदनशील राज्य में राज्यपाल शासन लगा दिया गया था.
सत्यपाल मालिक ने विधानसभा भंग करने का क़दम उस दिन उठाया, जब पीडीपी, नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस ने संकेत दिया था कि वे मिलकर सरकार बनाने के लिए तैयार हैं.
उर्जित पटेल बोले- नोटबंदी का अस्थायी प्रभाव
जनसत्ता की ख़बर के मुताबिक़, संसदीय कमेटी के सामने पेश हुए रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया के गवर्नर उर्जित पटेल ने कहा कि अर्थव्यवस्था पर नोटबंदी का अस्थायी प्रभाव हुआ.
पटेल ने संसद की एक कमेटी को वचन दिया कि वे केंद्रीय बैंक से संबंधित कुछ विवादास्पद मुद्दों पर अपनी बात लिखित रूप में पेश करेंगे.
अख़बार सूत्रों के हवाले से लिखता है कि इन मुद्दों में सरकार की ओर से आरबीआई की उस धारा का इस्तेमाल करने का भी मुद्दा है जिसका पहले की किसी सरकार ने इस्तेमाल नहीं किया था.
भारतीय रिज़र्व बैंक एक्ट, 1935 के सेक्शन सात के तहत सरकार रिज़र्व बैंक को निर्देश दे सकती है.
पटेल ने कहा, ''अर्थव्यवस्था की बुनियाद सुदृढ़ है और तेल के दाम में चार साल के उच्च स्तर से नीचे आने से और मज़बूती मिलेगी.''
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